Hindi Diwas Celebration

Hindi Diwas CelebrationSeptember 14th, 2017

गुरुवार, १४ सितम्बर, २०१७

ओजस्विनी और अनूठी है यह हिंदी, साहित्य का असीम सागर है यह हिंदी,
यूं तो देश में भाषाएँ ओर भी हैं, पर राष्ट्र के माथे की बिंदी है हिंदी।

हिंदी दिवस के उपलक्ष पर मॉडर्न अर्ली इयर्स के कक्षा पी-१ व पी-२ के छात्र-छात्राओं के लिए कहानी वाचन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अध्यापिका, श्रीमती मंजु मेहरा ने दीप प्रज्जवलित करते हुए किया। कक्षा पी-१ के १५ व कक्षा पी-२ के १६ विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया। सभी प्रतियोगियों ने स्पष्ट उच्चारण व हाव-भाव के साथ अपनी कहानियों को प्रस्तुत किया। उनके और उनकी कहानियों के नाम व उससे सम्बंधित चित्रों को ‘ पावर पॉइंट प्रेसेंटेशन ‘ के माध्यम से दिखाया गया। सभी कहानियां शिक्षा प्रद थी।

श्रीमती आकांक्षा गोयल ने कार्यक्रम का संचालन सुचारु रूप से किया। श्रीमती मेहरा ने, सभी अभिभावकों को कहानियों के चयन व कक्षा अध्यापिकाओं श्रीमती चीना गर्ग (कक्षा पी-१) तथा श्रीमती रीमा रेचल (कक्षा पी-२) द्वारा छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षित किए जाने की प्रशंसा की। कार्यक्रम का समापन करते हुए श्रीमती मेहरा ने हिंदी भाषा की महत्त्ता पर चर्चा की और अपनी संस्कृति का सम्मान करने पर बल दिया। सभी प्रतियोगियों को प्रशंसा पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया।

शुक्रवार, १५ सितम्बर, २०१७

कक्षा नर्सरी-अ, नर्सरी-ब , के.जी-अ, के.जी-ब, के.जी-स व के.जी-द के नन्हें – नन्हें छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक कविता पाठ किया गया। कार्यक्रम की संचालिका श्रीमती चारु वर्मा ने सभी कक्षाओं को क्रमानुसार मंच पर आमंत्रित किया। सभी बच्चों ने अपनी कविताओं के प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण द्वारा समां बाँधा । श्रीमती मेहरा ने सभी विद्यार्थियों को ‘गुड चिट’ देकर उनका उत्साह वर्धन किया।

कक्षा कविता का नाम
नर्सरी-अ सूरज की किरणें
नर्सरी-ब विनती
के.जी-अ पहले मैं सोचा करता था
के.जी-ब बातें
के.जी-स सबसे बढ़ कर कौन ?
के.जी-द वृक्ष न होते

दो दिनों तक चला यह कार्यक्रम, विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रूचि व जागरूकता उत्पन्न करने का एक लघु, परन्तु सफल प्रयास था।

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति का मूल।
बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
—भारतेंदु हरीशचंद्र